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Showing posts from June 21, 2020

छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स जून भाग - 1

1) भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी राहुल श्रीवास्तव रोमानिया में भारत का राजदूत नियुक्त किया है वह छत्तीसगढ़ के कौन से जिले से हैं ? A. राजनांदगांव  B.  रायपुर  C.  दुर्ग  D. बिलासपुर Ans - A. राजनांदगांव विशेष - भारत सरकार ने भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी राहुल श्रीवास्तव को रोमानिया में भारत का राजदूत नियुक्त किया है. राहुल छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के रहने वाले हैं, और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी के पोते हैं. उनके माता-पिता भी राजनांदगांव में रहते हैं.राहुल ने 1999 में विदेश सेवा में नौकरी ज्वाइन की. वे इससे पहले मास्को, कजाखिस्तान , लंदन, वेनेजुएला में भी भारतीय राजदूतावास में अपनी सेवाएं दे चुके है . 2) पक्षियों को बसेरा देने छत्तीसगढ़ के कौन से जिले में बर्ड पार्क बनाया जाएगा ? A. राजनांदगांव  B. बस्तर C. कोंडागांव D. दंतेवाड़ा Ans - A. राजनांदगांव विशेष – नगर निगम ने गौरव पथ पर बर्ड पार्क बनाने की दिशा में काम शुरु कर दिया है। यहां पर विभिन्न प्रजातियों के 4 सौ पौधे रोपे जाएंगे। शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गौरव ...

भारत में साइबर सुरक्षा

 भारत में साइबर सुरक्षा नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सबसे ज्यादा 57% साइबर क्राइम फिशिंग या सोशल इंजीनियरिंग के जरिए होते हैं. दुनिया के 30% साइबर हमलों में चीन का हाथ है।  इसी तरह ऑनलाइन सिक्युरिटी फर्म सिमेंटेक कॉर्प की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा साइबर हमले झेलने वाला देश भारत है। 2016 से 2018 के बीच अमेरिका पर 255 और भारत पर 128 हमले हुए थे। भारत पर जो साइबर अटैक होते हैं, वो चीन, पाकिस्तान, रूस, यूक्रेन, वियतनाम और उत्तर कोरिया की तरफ से होते हैं।  नीति आयोग की  ही रिपोर्ट बताती है कि भारत में जितने साइबर अटैक होते हैं, उनमें 57%हिस्सा फिशिंग ईमेल या सोशल इंजीनियरिंग का होता है। इस तरह के क्राइम में लोगों को या कंपनियों को फिशिंग ईमेल या मैसेज भेजे जाते हैं और जैसे ही उस मेल या मैसेज में दी गई लिंक पर क्लिक करते हैं, तो उनकी सारी निजी जानकारी चोरी हो जाती है।  फिशिंग या सोशल इंजीनियरिंग के बाद 41% अटैक मालवेयर के होते हैं। 30% स्पीयर फिशिंग के होते हैं, जिसमें सिर्फ चुनिंदा लोगों या कंपनियों को टारगेट किया जाता है। उसके ...

विश्व शरणार्थी दिवस

अपने ही देश में हिंसा, संघर्ष, युद्ध, उत्पीड़न या प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ या भूकंप जैसी मुसीबतों के चलते असहाय, लाचार और निराश्रय होकर किन्ही दूसरे देशों की शरण लेने को मजबूर होना पड़ता हैं। पूरी दुनिया में लगभग 8 करोड़ महिलाएं, बच्चे और पुरूष ऐसे हैं जो अपने देश से विस्थापित हो शरणार्थियों के तौर पर दूसरे देशों में जीवन बिता रहे हैं। ‘विश्व शरणार्थी दिवस’ ऐसे ही विस्थापित लोगों के साहस, शक्ति और संकल्प को प्रतिष्ठित करने और उनकी समस्याओं को समझने, सुलझाने के लिए प्रतिवर्ष 20 जून को मनाया जाता है।  गौरतलब है कि अफ्रीकी देशों की एकता को अभिव्यक्त करने के लिये 4 दिसंबर, 2000 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया था जिसमें ऑर्गनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी (ओएयू) ‘अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी दिवस’ को अफ्रीकी शरणार्थी दिवस के साथ 20 जून को मनाने के लिये सहमत हुआ था, उसके बाद 2001 से प्रतिवर्ष दुनिया भर में 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष विश्व शरणार्थी दिवस   2020 को यह ‘‘ एवरी एक्शन काउंट्स’ ’ ऑल लाइव्स मैटर, थीम पर मनाया जाएगा संयु...

विश्व सिकल सेल दिवस

विश्व सिकल सेल दिवस   प्रतिवर्ष 19 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा में आधिकारिक तौर पर वर्ष 2008 में घोषणा की थी, कि हर वर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह दिन सिकल सेल रोग (sickle cell in Hindi), इसके उपचार के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दुनिया भर में इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए मनाया जाता है। पहला विश्व सिकल सेल दिवस (world sickle cell day in Hindi) वर्ष 2009 में मनाया गया था। सिकलसेल रोग ( sickle cell ) विकृति एक आनुवंशिक रोग (genetic disease) है। विश्व के पांच प्रतिशत लोग इससे प्रभावित  हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाले इस रोग में गोलाकार लाल रक्त कण शरीर की छोटी रक्तवाहिनी में फंसकर लिवर, तिल्ली, किडनी, मस्तिष्क आदि अंगों के रक्त प्रवाह को बाधित कर देते हैं। रक्त कणों के जल्दी-जल्दी टूटने से रोगी को सदैव रक्त की कमी रहती है। इसलिए इस रोग को सिकलसेल एनीमिया (Sickle cell anemia) भी कहा जाता है। वैज्ञानिक व आनुवांशिकीय के अनुसार सिकल-सेल बीमारी केवल उन्हीं में होने की सम्भावना रहती है जिनके माता-पिता अथवा अभिभा...

ऑनलाइन शिक्षा : भविष्य तथा चुनौतियाँ

ऑनलाइन शिक्षा : भविष्य तथा चुनौतियाँ कोविड 19 के कारण पूरी  दुनिया में उथल पुथल मचा हुआ है एक तरफ अब बड़ी कम्पनियाँ वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दे रही है वही अब शिक्षा के क्षेत्र में भी ऑनलाइन मोड़ का प्रयोग किया जा रहा है। शिक्षा को इस मोड़ के द्वारा प्रदान किये जाने के कुछ लाभ है और कुछ हानियाँ है। इस लेख में इसी विषय पर  चर्चा करेंगे।  ऑनलाइन शिक्षा क्या है ? इस माध्यम में शिक्षा ऑनलाइन मोड के द्वारा प्रदान किया जाता है। जिसमे आप अपने किसी भी डिजिटल उपकरण यथा - स्मार्ट फ़ोन या लैपटॉप के माध्यम से कही से भी शिक्षा ग्रहण कर सकते है।  भारत में ऑनलाइन शिक्षा का मार्केट लगातार बाद रहा है।  सर्च इंजन गूगल व शोध फर्म केपीएमजी ने अपनी एक रपट में यह निष्कर्ष निकाला है. इसके अनुसार भुगतान वाले उपभोक्तओं की संख्या भी बढ़कर 2021 में 96 लाख हो जाएगी जो कि 2016 में 16 लाख थी. साल 2021 तक देश का ई-शिक्षा बाजार आठ गुना बढ़कर 1.96 अरब डालर मूल्य का होने का अनुमान है. “ग्लोबल ई-लर्निंग मार्केट एनालिसिस एंड ट्रेंड्स – इंडस्ट्री फॉरकॉस्ट टू 2025” रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 तक वैश्...

प्लाज्मा थेरेपी

प्लाज्मा थेरेपी प्लाज्मा थेरेपी को मेडिकल साइंस की भाषा में प्लास्माफेरेसिस (plasmapheresis) नाम से जाना जाता है। प्लाज्मा थेरेपी से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा को रक्त कोशिकाओं (blood cells) से अलग किया जाता है।इसके बाद यदि किसी व्यक्ति के प्लाज्मा थेरेपी को मुख्य रूप से इन 5 उद्देश्य के लिए किया जाता है- संक्रमण का पता लगाना- प्लाज्मा थेरेपी को मुख्य रूप से संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जाता है। चूंकि, काफी सारी बीमारियाँ संक्रमण के द्वारा होती है, इसलिए ऐसी बीमारियों का इलाज करने में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर उपाय साबित होती है। डोनर पार्ट का सही तरीके से काम न करना- वर्तमान समय में काफी सारे ट्रांसप्लांट किए जाते हैं, मगर कई बार ये असफल साबित हो जाते हैं।जब ट्रांसप्लांट कराने वाले लोगों के लिए डोनर पार्ट सही तरीके से काम नहीं करता है, तब उन्हें प्लाज्मा थेरेपी सहायता करती है। खेल में चोट (Sport Injury) लगना- कई बार, खेल में चोट का इलाज करने के लिए फ्लास्माफेरेसिस का सहारा लिया जाता है। इस प्रकार, इस थेरेपी को स्पोर्ट्स इंजरी को ठीक करने क...

भारतीय आईटी एक्सपर्ट्स तथा एच-1बी वीजा

भारतीय आईटी एक्सपर्ट्स तथा एच-1बी वीजा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एच-1बी वीजा समेत विदेशियों को जारी होने वाले नौकरियों से जुड़े कई वीजा को सस्पेंड रखने का समय बढ़ा दिया।   31 दिसंबर तक विदेशियों को ग्रीन कार्ड और एच-1बी वीजा जारी नहीं होगा।   ट्रम्प ने एच-1बी वीजा का गलत इस्तेमाल रोकने का भी निर्देश दिया है। अगर कोई वीजा से जुड़े नियमों का पालन नहीं करता है तो अमेरिका का लेबर डिपार्टमेंट उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। हालांकि फूड इंडस्ट्री, मेडिकल और कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए वीजा जारी करने को मंजूरी दी जा सकती है। इस साल अप्रैल में एच-1 बी वीजा जारी करने की प्रक्रिया 60 दिन के लिए निलंबित की थी।  अमेरिकी   वीजा के प्रकार  एच-1बी –  विशेष काम के कर्मचारियों को दिया जाने वाला वीजा एच-2बी –   नॉन-एग्रीकल्चरल कामों के लिए सीजनल वर्करों को दिया जाने वाला वीजा जे-1 –   चिकित्सा और व्यवसाय का प्रशिक्षण लेने वालों के लिए दिया जाने वाला वीजा एल-1 –  ग्लोबल कंपनियों के कर्मचारियों के अमेरिका ट्रांसफर पर दिया जान...