सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: 'ओपन' सीटें कोटा नहीं, योग्यता का आधार हैं
मुख्य निर्णय
उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि "ओपन" (खुली) या "अनारक्षित" श्रेणी की सीटें सवर्णों या किसी विशेष वर्ग के लिए आरक्षित कोटा नहीं हैं। इसके बजाय, ये पूरी तरह से योग्यता (merit) पर आधारित सीटें हैं, जिनमें एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस सहित सभी श्रेणियों के उम्मीदवार प्रवेश पा सकते हैं, बशर्ते उन्होंने सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित कट-ऑफ अंक प्राप्त किए हों।
प्रमुख कानूनी सिद्धांत
* श्रेणी पर योग्यता की प्राथमिकता: यदि आरक्षित श्रेणी का कोई उम्मीदवार सामान्य श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसे 'ओपन' सीट पर नियुक्त किया जाना चाहिए। न्यायालय के अनुसार, आरक्षण एक 'न्यूनतम गारंटी' (floor) है, न कि आरक्षित वर्गों के लिए कोई 'अधिकतम सीमा' (ceiling)।
* 'दोहरे लाभ' का भ्रम: न्यायालय ने राजस्थान उच्च न्यायालय के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को ओपन सीटों पर विचार करना "दोहरा लाभ" है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 'ओपन' का अर्थ 'सभी के लिए खुला' है, जिसमें चयन का एकमात्र आधार योग्यता होती है।
* न्यायिक मिसाल: यह निर्णय 1992 के ऐतिहासिक इंद्रा साहनी मामले पर आधारित है, जिसमें कहा गया था कि ऊर्ध्वाधर आरक्षण (Vertical Reservation) को केवल तभी लागू किया जाना चाहिए जब योग्यता आधारित (Open) सीटें भर जाएं।
प्रशासनिक महत्व
यह निर्णय आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को केवल उनके कोटे तक सीमित होने से रोकता है। यह सुनिश्चित करता है कि देश के सबसे योग्य उम्मीदवार, उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना, प्रशासनिक पदों पर आसीन हों। यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 में निहित 'समानता के अधिकार' और 'अवसर की समानता' को सुदृढ़ करता है।
माइंड मैप: ओपन सीटें बनाम आरक्षित कोटा
* 'ओपन' (अनारक्षित) सीटों की परिभाषा
* किसी जाति/लिंग के लिए आरक्षित नहीं।
* सभी के लिए उपलब्ध (SC/ST/OBC/EWS/Gen)।
* चयन का आधार: शुद्ध योग्यता (General Cut-off)।
* आरक्षित सीटों की परिभाषा
* ऊर्ध्वाधर आरक्षण (अनुच्छेद 16(4))।
* केवल संबंधित श्रेणी के लिए विशेष।
* सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने हेतु 'सेफ्टी नेट'।
* संवैधानिक आधार
* अनुच्छेद 14: कानून के समक्ष समानता।
* अनुच्छेद 16: सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता।
* इंद्रा साहनी केस: 50% की सीमा और योग्यता-प्रथम का सिद्धांत।
* प्रभाव
* सामाजिक समावेश (Social Integration) को बढ़ावा।
* प्रशासन में दक्षता और योग्यता का सम्मान।